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बॉलीवुड में परिवारवाद के साथ साथ जातिवाद पर भी बात होनी चाहिए। All discussion is on Nepotism in Bollywood only why not on Castism?

पूरा देश एक्टर सुशांत सिंह राजपूत की मृत्यु पर गम में है लोग बॉलीवुड में परिवारवाद को इसका जिम्मेदार ठहरा रहे है। क्योकि बॉलीवुड बाहरी कलाकार को स्वीकार नही करता बॉलीवुड का अपना एक खोल है जिसके अंदर कोई भी प्रवेश नही कर सकता उसके अंदर मात्र कुछ ही परिवार राज करते है। अगर कोई कलाकर अपनी प्रतिभा के बल पर वहां तक पहुच भी जाये तो उस खोल को भेद नही पाता। चाहे वो कंगना रनौत, इरफान खान, नवाजुद्दीन सिद्दीकी हो या सुशांत सिंहः राजपूत। सुशांत सिंह राजपूत जैसी प्रतिभा को बॉलीवुड में मात्र नेपोटिज़्म ( परिवारवाद ) का सामना करना पड़ता मगर दूसरा पहलू जहा पर कुछ लोगो को परिवारवाद के साथ साथ जातिवाद का भी शिकार होना पड़ता है उन्हें तो उस खोल की ऊपरी परत को छूने का अवसर भी प्राप्त नही हो पाता। जिसको कंगना , सुशांत, नवाजुद्दीन ने  प्राप्त किया। पहले एंगल ने प्रतिभाशाली एक्टर की जान ली और दूसरा एंगल हर रोज कितनी प्रतिभाओं का गला घोंट रहा है इसका कोई आंकड़ा नही। और यह बॉलीवुड ही नही साउथ सिनेमा, भोजपुरी सिनेमा में भी खूब है। यशपाल सिंह
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फिर एक साइमन कमीशन

जब बाबा साहेब डॉ. अम्बेडकर विदेश से पढकर भारत में बडौदा नरेश के यहां नौकरी करने लगे तो उनके साथ बहुत ज्यादा जातिगत भेदभाव हुआ। इस कारण उन्हें 11 वें दिन ही नौकरी छोड़कर बडौदा से वापस बम्बई जाना पड़ा। उन्होंने अपने समाज को अधिकार दिलाने की बात ठान ली। उन्होंने अंग्रेजी हुकूमत को बार-बार पत्र लिखकर depressed class की स्थिति से अवगत करवाया और उन्हें अधिकार देने की माँग की। बाबा साहेब के पत्रों में वर्णित छुआछूत व भेदभाव के बारे में पढकर अंग्रेज़ दंग रह गए कि क्या एक मानव दूसरे मानव के साथ ऐसे भी पेश आ सकता है। बाबा साहेब के तथ्यों से परिपूर्ण तर्कयुक्त पत्रों से अंग्रेज़ी हुकूमत अवाक् रह गई और 1927 में depressed class की स्थिति के अध्ययन के लिए मिस्टर साईमन की अध्यक्षता में एक कमीशन का गठन किया गया। जब कांग्रेस व मो.दा.क.चं. गांधी को कमीशन के भारत आगमन की सूचना मिली तो उन्हें लगा कि यदि यह कमीशन भारत आकर depressed class की वास्तविक स्थिति का अध्ययन कर लेगा तो उसकी रिपोर्ट के आधार पर अंग्रेजी हुकूमत इस वर्ग के लोगों को अधिकार दे देगी। कांग्रेस व मो.दा.क.चं. गांधी ऐसा होने नहीं देने चाहत...

देश के हर नागरिक के खाते में सरकार भेजेगी 10-10 हज़ार रुपये। बन रही है योजना।

नई दिल्ली :  विधानसभा चुनावों में तीन हिंदीभाषी राज्यों में बीजेपी की हार के बाद आगामी लोकसभा चुनावों की तैयारी शुरू कर दी है। माना जा रहा है कि फरवरी में अंतरिम बजट के दौरान वित्तमंत्री अरुण जेटली एक अनूठी घोषणा कर सकते हैं। ये घोषणा है यूनिवर्सल बेसिक इनकम (यूबीआई) की। इसके तहत हर परिवार के हरेक सदस्य को 10 हजार  प्रति महीने या फिर एकमुश्त दी जा सकती है, जिसे यूबीआई यानी बुनियादी आमदनी के तौर पर जाना जाता है। फेसबुक के सीईओ मार्क जुकरबर्ग भी इसके बड़े समर्थक हैं। उनका मानना है कि यूबीआई से उन लोगों को काफी मदद मिल सकती है जो मशीन के चलते नौकरी खो चुके हैं। क्या है यूबीआई, क्या भारत इस राजस्व बोझ के लिए तैयार है और दुनिया के किन देशों में यूबीआई लागू है, इसपर एक पड़ताल। क्या हैं यूबीआई के मायने : सबसे पहले साल 1967 में मार्टिन लूथर किंग जूनियर ने गारंटीड इनकम का आइडिया दिया ताकि आय की असमानता कम हो सके। वैसे ये एक सरकारी योजना है, जिसके तहत किसी देश की सरकार अपने हर नागरिक को हर महीने एक निश्चित रकम देती है। साल 2016-17 के आर्थिक सर्वे में इस योजना की सिफारिश की गई थी...

कल लखनऊ में माया-अखिलेश की होगी मीटिंग। बीजेपी को सता रहा गठबंधन का डर

कल 12 जनवरी को बसपा सुप्रीमो मायावती और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव लखनऊ में एक मीटिंग करेंगे जिसमे उन्होंने मीडिया को भी आमंत्रित किया है।  यह मीटिंग 2019 लोकसभा चुनावो के लिए बन रहे गठबंधन को लेकर होगी। इसी के साथ काफी समय से गठबंधन को लेकर चल रहे संसय से भी पर्दा उठेगा । लोकदल के अजीत सिंह के भी उपस्थित रहने की उम्मीद। मीडिया को भी बुलाया गया है। बीजेपी इस गठबंधन से डरी डरी हुई है।

प्रधानमंत्री मोदी से दिल्ली में मिला युवा बॉलीवुड, देखे तस्वीर

गुरुवार को बॉलीवुड से वर्तमान  युवा फ़िल्मस्टार्स प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी से मिलने देश की राजधानी दिल्ली पहुंचे। सोशल मीडिया से लेकर तमाम मीडिया में इस मुलाकात को लेकर खूब हलचल रही। इन सबके बीच मुख्य आकर्षण रणवीर सिंह रहे। जिन्होंने PM संग सेल्फी ली और सोशल मीडिया पर शेयर भी की। देखे तस्वीर

UPTET-2018 ANSWER KEY आंसर की

जल्दी ही आएगी uptet2018 की आंसर की Official  UPTET  answer key is expected today. Candidates who took the exam on November 18, 2018 can download the answer key from the official website  upbasiceduboard.gov.in anytime soon. So far the Board has not given any official update regarding the answer key date and time, however reports suggest that the answer keys can be expected today after 3pm. Since there is no official update from the Board, candidates are therefore suggested to check the official website for timely updates. Candidates should follow the official website, only, to download the यहां से डाउनलोड करे इस लिंक पर जाकर आंसर की डाउ...

Indian education syste.

The children of the rich in the country are going through a difficult test from the nursery in the Convent Schools, and the education system of the government schools in the village is such that the children do not have to fail till the 8th even if they do not want to write to their name. The government and the upper class have a thoughtful move that the child who does not know how to write to his name can go to the 9th class and face the convent product current spoken English-speaking children. Award will stand told you, he is weak in studies as well as giving her Atmbiswas and will continue to be, are reaching Things suicide in many cases.          The government and the upper class believe that this Government is in the process of thinking that the government also increases the literacy rate of its country and the state, and in front of the thumb impression graduate convent, in the face of competition, the rich get the wages as well. .      ...