भारत रत्न बाबा साहेब डॉ0 भीमराव अम्बेडकर यह कोई एक नाम भर नहीं है , यह प्रतीक है इस देश के 60 करोड़ लोगो के सम्मान का , यह एक विषय है पूरी दुनिया के दलितों , गरीबो, मज़दूरों और महिलाओ के अध्यायो का यह एक परिणाम है शिक्षा की शक्ति का और उस शक्ति के परिणाम का , जहा एक तरफ डॉ0 अम्बेडकर को पूरी दुनिया " सिंबल ऑफ़ नॉलेज" के नाम से संबोधित करती है , वही उनको आधुनिक भारत का जनक भी कहा जाता है । दूसरा कोई ऐसा विद्वान दुनिया में नहीं हुआ होगा कि जिसने हर स्तर पर जातिवाद से लड़कर एक देश का संबिधान लिखने तक की मंजिल तय की हो । डॉ0 अम्बेडकर ने अपना सारा जीवन देश के गरीबो , पिछडो , दलितों और महिलाओ के उत्थान के लिए समर्पित कर दिया , डॉ0 अम्बेडकर ने आज़ादी के बाद देश के नवनिर्माण में भी मुख्य भूमिका अदा की ,उनका देश को सबसे बड़ा सहयोग "भारत का संबिधान" है । भले ही उसमे से उनके कुछ मूल विचारो को हटा दिया गया था , फिर भी जैसा भी टूटा-फूटा है उस पर भी ईमानदारी से अमल कर लिया जाये तो बाबा साहेब का 50 प्रतिशत सपना पूरा हो सकता है , हालांकि अम्बेडकर खुद संबिधान को अपनी खास सफलता नहीं मानते थ...