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बॉलीवुड में परिवारवाद के साथ साथ जातिवाद पर भी बात होनी चाहिए। All discussion is on Nepotism in Bollywood only why not on Castism?

पूरा देश एक्टर सुशांत सिंह राजपूत की मृत्यु पर गम में है लोग बॉलीवुड में परिवारवाद को इसका जिम्मेदार ठहरा रहे है। क्योकि बॉलीवुड बाहरी कलाकार को स्वीकार नही करता बॉलीवुड का अपना एक खोल है जिसके अंदर कोई भी प्रवेश नही कर सकता उसके अंदर मात्र कुछ ही परिवार राज करते है। अगर कोई कलाकर अपनी प्रतिभा के बल पर वहां तक पहुच भी जाये तो उस खोल को भेद नही पाता। चाहे वो कंगना रनौत, इरफान खान, नवाजुद्दीन सिद्दीकी हो या सुशांत सिंहः राजपूत।

सुशांत सिंह राजपूत जैसी प्रतिभा को बॉलीवुड में मात्र

नेपोटिज़्म( परिवारवाद) का सामना करना पड़ता मगर दूसरा पहलू जहा पर कुछ लोगो को परिवारवाद के साथ साथ जातिवाद का भी शिकार होना पड़ता है उन्हें तो उस खोल की ऊपरी परत को छूने का अवसर भी प्राप्त नही हो पाता। जिसको कंगना, सुशांत, नवाजुद्दीन ने  प्राप्त किया।

पहले एंगल ने प्रतिभाशाली एक्टर की जान ली और दूसरा एंगल हर रोज कितनी प्रतिभाओं का गला घोंट रहा है इसका कोई आंकड़ा नही।

और यह बॉलीवुड ही नही साउथ सिनेमा, भोजपुरी सिनेमा में भी खूब है।

यशपाल सिंह

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